Monday, October 6, 2014

एक पल का क्रोध आपका भविष्य बिगाड सकता है एक पल का क्रोध आपका भविष्य बिगाड सकता है एक पल का क्रोध आपका भविष्य बिगाड सकता है एक पल का क्रोध आपका भविष्य बिगाड सकता है एक पल का क्रोध आपका भविष्य बिगाड सकता है

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समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने मंगलवार को अखिलेश सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना 'जनेश्वर मिश्र पार्क' का उद्घाटन किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और सपा के पूर्व नेता अमर सिंह भी मौजूद रहे।
गोमतीनगर स्थित जनेश्वर मिश्र पार्क के उद्घाटन समारोह में हालांकि कैबिनेट मंत्री आजम खान नहीं पहुंचे। ऐसा माना जा रहा है कि अमर सिंह की मौजूदगी के कारण आजम खान समारोह में शामिल नहीं हुए।
आजम खान के अलावा सपा के कई अन्य वरिष्ठ नेता भी समारोह से दूर रहे। अमर सिंह ने कहा, ''मेरे यहां आने को लेकर कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए। जनेश्वर मिश्र हमारे पुराने दिनों के साथी थे। मुलायम सिंह ने मुझे निमंत्रण भेजा था। मैं इस निमंत्रण को नहीं ठुकरा सकता था।''
अमर सिंह ने कहा, ''अगर मेरे यहां आने से किसी को नाराजगी होती है, तो यह मुलायम सिंह को सोचना चाहिए। मुझे निमंत्रण दिया गया था, इसलिए मैं आया हूं। मैं तो न प्रार्थी हूं और न ही अभिलाषी हूं। बस समारोह में शामिल होने आया हूं।''


ग्वालियर/नई दिल्ली। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के जज एसके गंगेले पर ग्वालियर जिला अदालत की सेशन जज द्वारा लगाए गए यौन शोषण के आरोपों के बाद अब उन्हें हटाने की मांग शुरू हो गई है। पूर्व एडिशनल सॉलिसिटर जनरल इंदिरा जयसिंह खुलकर महिला जज के समर्थन में आ गई हैं। उन्होंने तुरंत जज गंगेले पर महाभियोग चला कर उन्‍हें हटाए जाने की मांग की है। जयसिंह ने उनके खिलाफ संसद में महाभियोग की प्रक्रिया शुरू करने और मुख्य न्यायधीश द्वारा उनके खिलाफ जांच की मांग की है। 

जस्टिस गंगेले पर कार्रवाई की मांग को लेकर सुु्प्रीम कोर्ट में पीआईएल 
पिछले छह महीने में किसी जज पर यौन शोषण के आरोप लगने का यह तीसरा मामला है। इससे पहले जस्टिस गांगुली और जस्टिस स्वतंत्र कुमार पर भी महिला इंटर्न यौन उत्पीड़न का आरोप लगा चुकी हैं। जस्टिस गंगेले पर लगे आरोपों को पर सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस आर एम लोढा का कहना है कि यह मामला बेहद गंभीर है और इस मामले पर उचित कार्रवाई की जाएगी। पूर्व एडिशनल सॉलिसिटर जनरल और यौन शोषण केस में लॉ इंटर्न को न्याय दिलाने के लड़ने वालीं इंदिरा जयसिंह ने कहा है कि यदि जज ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम आदमी कानून-व्यवस्था पर क्या भरोसा कर सकता है। जस्टिस गंगेले को हटाए बिना इस मामले में काम नहीं चलेगा। उधर, वकील एम एल शर्मा ने भी सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दाखिल कर आरोपी जज के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। सुप्रीम कोर्ट की महिला वकीलों ने भी जस्टिस गंगेले के खिलाफ कार्रवाई की मांग का प्रस्ताव पारित कर सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन को ज्ञापन सौंपा। 

रजिस्ट्रार ने जारी किया प्रेस नोटः महिला जज ने नहीं की शिकायत
अंग्रेजी अखबार 'टाइम्स ऑफ इंडिया' ने सोमवार को जब जज के खिलाफ यौन शौषण के आरोपों की खबर प्रकाशित की, तो उसी दिन शाम को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार ने प्रेस नोट जारी कर इसका खंडन किया। यही नहीं, रजिस्ट्रार वेद प्रकाश ने अखबार पर गलत खबर प्रकाशित करने का आरोप भी लगाया। बयान में कहा गया है कि तबादला निरस्त करने के संबंध में महिला जज ने आवेदन दिए थे, लेकिन प्रताड़ना संबंधी आरोपों को लेकर उसने अभी तक कोई शिकायत ही नहीं की है। 

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3 Comments:

At September 22, 2015 at 3:05 AM , Anonymous bobbob smith said...

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At September 22, 2015 at 3:11 AM , Anonymous sri sai said...

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At September 22, 2015 at 3:17 AM , Anonymous choota bheem said...

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